Home Hindi Long Sex Stories शादीशुदा औरात की कहानी - ( पार्ट 8 )
Give me your site to advertise for Publisher to expand your business, websites much more.✹ Link Pop , ✹ Bennerd , ✹ Page Click Pop...Click Here.....
शादीशुदा औरात की कहानी - ( पार्ट 8 )
Date : June 20, 2015, 11:55:34 PM
Languages : Hindi
PageView : 000010509
Categoreies : Hindi Long Sex Stories
शादीशुदा औरात की कहानी - ( पार्ट 8 )

Shaadishudaa Aurat Ki Kahani - Part 8

हालान के मेनिका ने कहा के वो सिर्फ़ देखेगी, मूठ माराते माराते रणजीत मेनिका के करीब गया और आपने लंड को उसस्के मुहन के पास किया मेनिका को बेड पर घुटनों के बाल लाकर….. और आहिस्ते से मेनिका ने उसको आपने मुँह में लिया, उपरी हिस्से पर जीब चलाई और मुँह में लेकर चुस्सने लगी…. फिर चुस्सना रोक कर मेनिका लंड के पूरे लंभाई पर आपना जीब फेररा, छाता, और नीचे रणजीत के बॉल्स पर जीब फेररा मेनिका ने, फिर कहा, “बस इस से ज़ियादा नहीं करूँगी अब….” पर रणजीत जेसे चटपाटा गाया और कहा; “भाबी भाभी प्लीज़ एसे हॉट स्पॉट पर आकर क्यूँ रुक गयी आप कंटिन्यू करो ना प्लीज़ ई बेग ऑफ यू भाभी, मेरी प्यारी भाभी, मेरी दुलारी भाभी, करो ना प्लीज़”

मेनिका को हँससी भी आई और तरस भी आया उसको इस हालत में देख कर, तो उसने उसका एक अंडे को मुँह में लिया, चुस्सा, रणजीत पागल होता गया, उसस्के जिस्म काँपने लगे, फिर एक हाथ से मेनिका ने उसस्के लंड पाकरे और फिर उसस्के दूसरे अंडे को मुँह में लेकर चुस्सा मेनिका ने ख़याल रखते हुए के उसको दर्द ना हुए…. रणजीत उपर चाट पर देखते हुए मज़ा का लुत्फ़ ले रहा था थोड़ी तारप के साथ….. और साथ साथ मेनिका आपने दूसरे हाथ को उसस्के लंड पर चला रही थी

यह कहानी आप टॉप सेक्स वेबसाइट रूपसेक्स.कॉम (RoopSEX.CoM) पर पढ़ रहे हैं।

फिर कुछ देर बाद रणजीत ने मेनिका के सर को हाथों में पकड़ा और लंड को उसस्के मुँह में डाला और हल्के हल्के अंदर बाहर करने लगा…. मेनिका गरम होने लगी चुस्सते हुए और उसको अब लंड आपने चुत के अंदर चाहिए थी….. जिसस तरह से आपने नर्म हाथो को मेनिका रणजीत के जिस्म पर फेररने लगी थी, जिसस तरह से करेस किए जा रही थी रणजीत को और जिन्न नज़रों से देख रही थी रणजीत के चेहरे में यूयेसेस से सॉफ झलक आ रही थी के उसको अब सख़्त ज़रूरात है चुदाई की…प्रवींद्रा समझ गया के अब लंड को चुत के अंदर पेलने का वक़्त आगेया….

मेनिका ने आपनी पेंटी को झट से खींच कर नीचे फेंका और रणजीत पोज़िशन लेते हुए, खुद वो आपने पीठ पर सोया और मेनिका को आपने उपर लिया उसने… रणजीत ने आपने पेयरों को दोनों तरफ फेयलया और मेनिका के पेयरों को भी दोनों तरफ किया, और मेनिका ने आपने हाथों से उसस्के लंड को आपने चुत की गीली छेद पर लगाया और मेनिका खुद यूयेसेस पर बैठी और लंड आपने आप फिसलते हुए उसस्के अंदर घुस्सटा गया, और मेनिका की सिसकारी कमरे में भर गयी…. मेनिका रणजीत के उपर बैठी उपर नीचे उठने बैठने लगी, लंड को आपने अंदर बाहर होने के लिए, आपने कमर हिल्लती गयी…. शुरू तो आहिस्ते से किया मगर आहिस्ते आहिस्ते तेज़ी पाकराती गयी उसस्के कमर का हिल्लन और रफ़ताअर बढ़ता गया इस कदर के मेनिका पागल की तरह उछाल रही थी रणजीत के लंड पर…. रणजीत आपनी भाभी की चुचियों को यूयेसेस तरह से मचलते, उछलते हुए देख कर लंड में और भी रवानी महसूस कर रहा था लगता था लंड अब कभी नहीं मुरझाने वाला, और जिसस तरह से, जिसस रफ़्तार से मेनिका उछालती गयी बहुत ही जल्द दोनों के ऑर्गॅज़म एक साथ प्राप्त हुए…..

रणजीत मेनिका के बूब्स, गला, मुँह नाक, कान सब चूमते चाटते गया और मेनिका भी झुक गयी पूरी तरह से रणजीत पर और उसको चूमती गयी जहाँ जाहान उसस्के मुँह पार्टी थी रणजीत पर..आपने थूक से भीगो दिया था रणजीत के चेहरे को मेनिका ने….

और दोनों रणजीत के बिस्तर पर तब तक लेयटे रहे जब एक मुर्घे की बॅंक सुनाई दिए पड़ोसियों के यहाँ मेनिका को तो वो जल्दी से उठकर, नंगी भागती गयी आपने कपड़ों को हाथ में लिए… और उसकी पेंटी रणजीत के कमरे में ही चोर्र गयी!!!

और कुछ दिनों तक सब ठीक से गुज़रा रणजीत के घर में मेनिका के साथ. मेनिका के लिए यह एक रुटीन बन गयी थी हर रात को आपने प्रतीक की बिस्तर को गरम करने का और आपने पाती के छोटे भाई के साथ भी अडल्टरी रिश्ते रखने की. आदत हो गयी थी और लग भाग हर रोज़ यह सब होता था.

और दिन बा दिन मेनिका और भी ज़ियादा सेनुयल और एन्वियस होती जा रही थी सेक्स को लेकर और कोई भी मर्द, हाँ सही कह रहा हूँ कोई भी मर्द उसको देख कर उसको चोदने के लिए उतावला हो सकता था वो इतनी आकर्षित कराती थी क़िस्सी को भी. जिसस तरह से मेनिका आपनी नज़रों से देखती थी, जिसस तरह वो क़िस्सी भी मर्द को देख कर मुस्कुराती थी, कोई भी फिदा हो जाता यूयेसेस पर. उसकी जिस्म हर दिन इतनी बेहतरीन होती जा रही थी और उसने यूयेसेस घर के टीन मर्दों को खुश करते करते रिझाने का कला सीख लिया था.

यह कहानी आप टॉप सेक्स वेबसाइट रूपसेक्स.कॉम (RoopSEX.CoM) पर पढ़ रहे हैं।

और एक दिन मेनिका को खबर मिली के उसकी मा बहुत सख़्त बीमार है और उसको हॉस्पिटल में भाराती किया गया है जहाँ वो रहती है यूयेसेस गाव में. मेनिका तयार हुई आपने गाव जाने को और वहाँ एक हफ़्ता गुज़ारने के लिए. मेनिका के प्रतीक ने पहले सोचा के वोही जाएगा मेनिका को उसस्के गाव चॉर्र्ने, मगर फिर्र सोचा के वहाँ के लोगों को अजीब लगेगा के क्यूँ प्रतीक चॉर्र्ने आया है उससे तो उसने कविता को ही जाने को कहा. यूयेसेस वक़्त रणजीत भी साथ जाना चाहता था. मगर उसस्के अंकल ने कहा के उसको रहना पड़ेगा और खेत जाना पड़ेगा उसस्के साथ कविता के जगह पर.

रणजीत बहुत बेचैन हो गया क्यूंके वो मेनिका के बड़े में तरह तरह के चीज़ सोचने लगा. उसको यकीन था के अब मेनिका आपने गाव वालों से वहाँ चुद़वाएगी!! यूयेसेस को बिलकूल अच्छा नहीं लग रहा था और उसने आपने बड़े भाई को फुससलाा के वो घर पर रहें और रणजीत जाएगा मेनिका को चोदड़ने के लिए. बड़ा भाई भोला तो था ही तो वो मन गया. मगर बाप को पता चला तो घुस्सा हुआ यह कहते के मेनिका के गाव वाले किया कहेंगे! पाती को साथ जाना चाहिए ना के उसस्के छोटे भाई को!! और बाप ने दोनों बेटों को खूब सुनाया. तो ये टेयै हुआ के कविता ही जाएगा मेनिका को चॉर्र्ने, वहाँ कुछ देर रुकेगा, फिर वापस चला आएगा और एक हफ्ते के बाद मेनिका को वापस लेने जाएगा.

रणजीत मायूस हो गया और यूयेसेस रात को सोचा जब मेनिका ने कहा था, “आप ने मुझे मेरे पापा की याद दिला दिए” वो ये बात भूल गया था मगर अचानक यह बात उसस्के ज़हेन में एक बिजली की तरह कदकी और रणजीत ने सोचा, “अब वो आपने पापा के साथ रहेगी क्यूँ के उसकी मा हॉस्पिटल में है तो किया होगा वहाँ??!…..” रणजीत बहुत उत्सुक था देखने के लिए के अगर कोई मेनिका को वहाँ पर चोदेगा तो….. मेनिका उसस्के लिए एक जुनून बन चक्का था…. बहुत ही बेचैन था वो और हर तरह के ख़यालात उसस्के दिमाघ को परेशान कर रहा था….. और वो कुछ बदल भी नहीं पा रहा था.

सूबह सवेरे कविता और मेनिका घर से निकले मेनिका के गाव जाने के लिए. इस गाव से कोई 700क्म्स की दूरीए पर था मेनिका का गाव. ट्रेन से गये दोनों और रणजीत ने दोनों को स्टेशन तक चॉर्र्ने गया 4जे4 में.

अब ट्रेन में हमेशा की तरह कविता तो आपने कोने में खुद आपने आप में बाँध था जेसे एक कड़चवा आपने शेल में घुस्सा रहता है. दूसरे मर्द मेनिका को ठरकी नज़रों से देख रहे थे. वो एक खूबसूरात सारी पहनी हुई थी जो महिन थी और उसकी ब्लाउस में क्लीवेज काफ़ी नज़र आ रहे थे यूयेसेस महिन सारी पर से. कविता को इस बात का बिलकूल ख़याल नहीं था के कोई मर्द उसकी बीवी को देख रहा है. मेनिका को पता था बलके खूब चंचल थी और रिझा भी रही थी मर्दों को पल्लू को बार बार सरकाते हुए. मेनिका को पता था के सभी मर्द उससी को देख रहे थे और सबके मन में बस एक बात थी वो यह के उसको सब चोदे!! एक बार तो उन्न मर्दों में एक ने मेनिका को एँख मारा जब कविता सो गया था. मेनिका यूयेसेस आदमी से मुस्कुराइ मगर कुछ ज़ियादा नहीं हुआ. अगर सफ़र रात को होती तो शायद मेनिका यूयेसेस आदमी से चुदया भी लेती!!

मेनिका ने आपने सर को कविता के काँधे पर रखा और ख़यालों में गुम हो गयी. अब वो आपने अंकल के बड़े में सोच रही थी. उसने याद किया किस तरह से उसस्के अंकल उसको चाहता था जब वो उन्ँके साथ रहते थे उसस्के घर में…उसस्के अंकल कुछ ज़ियादा ही चाहता था मेनिका से….. उन्न दिनों मेनिका की उम्र आज से बेशक कूम थे और उसको याद आया किस तरह एक रात को जब वो सो रही थी, तो क़िस्स्स तरह पहली बार उसस्के पापा जो हर रात नशे में होता था तो उसस्के कमरे में आया था और उसस्के ड्रेस के नीचे आपना हाथ फेररा था. मेनिका ड्ऱ गयी थी और अचानक उठ कर बेड पर बैठ गयी थी आपने पापा को देखते हुए. उन्न दिनों मेनिका के समझ में नहीं अरहा था के पापा ने वेसा क्यूँ किया था…. यूयेसेस वक़्त पापा ने हँससटे हुए मेनिका के गाल सहलातीय हुए कहा था, “मेरी प्यारी बची जाग गयी, सोजा सोजा मेरी लाडली, सोजा” और मेनिका ने पूछा था, “पापा आप किया कर रहे थे?” और पापा ने जवाब दिया था, “कुछ नहीं बेटा मैं तो तुमको चाआदर ओढ़ा रहा था…” मगर मेनिका को पता था के उसस्स्के पापा ने उसस्के ड्रेस के नीचे उसस्के जांघों पर आपना हाथ फेररा था यूयेसेस रात को. मेनिका को एक और बात याद आई के एक दिन, दिन में उसस्के पापा ने पे रखा था और मा दुकान गयी थी कुछ खरीदने तो पापा ने मेनिका को गले से लगाया था जाकर के. मेनिका ने सोचा था के पापा यूयेसेस से प्यार कर रहा था मगर तब पापा ने उसको आपने गोड में बिठाया था और उसस्के जांघों पर हाथ फेररा था और छाती को सहलाया था, फिर्र मेनिका के गले पर चुम्मा था. और मेनिका उसस्के गोड से उतार कर भाग गयी थी.

यह कहानी आप टॉप सेक्स वेबसाइट रूपसेक्स.कॉम (RoopSEX.CoM) पर पढ़ रहे हैं।

मेनिका ने उन्न रातों को याद किया जब तकरीबन हर रात को उसस्के पापा उसस्के कमरे में आता था उसस्के जिसस्म को चूहने के लिए जब उसकी मा को नींध आजाति थी. मेनिका को यह भी याद आया के एक रात को तो पापा उसस्के उपर चढ़ गया था और आपने पेंट के अंदर से ही लंड को यूयेसेस पर रगढ़ रहा था और झड़ने तक रगढ़ता रहा और आपने पानी से मेनिका के ड्रेस को भीगा दिया था यूयेसेस रात को…. और मेनिका ने याद किया किस तरह एक और रात को वो नींध में होने की बहाना कर रही थी और उसस्के पा ने उसकी पेंटी उतार कर उसकी चुत के उपर आपने लंड को रगढ़ते हुए पानी चोर्रा था उसस्के चुत के उपर ही, बिना अंदर घुस्साए…. मेनिका यह सब याद कर रही थी ट्रेन में……

फिर मेनिका के दिमाघ में एक फ्लश बॅक की तरह बिजली की तरह कादकते हुए एक सीन याद आया उसस्के शादी के कुछ हफ्ते पहले उसस्के पापा ने उसको एक लज़तदार किस किए थे और यूयेसेस से पापा ने कहा था के उसने उसकी वर्जिनिटी नहीं लिया इस लिए के उसकी शादी में रुकावट ना आए और उसको यह उमीद थी के उसस्के शादी के बाद उसको मेनिका ज़रूर एक मौका देगी उसको खूब एंजाय करने के लिए… मेनिका ने यूयेसेस वक़्त बिना कोई जवाब दिए सर को झुका लिए थे….

और अब जो मेनिका पहली बार शादी के बाद उसस्के पास जा रही थी, तो मेनिका सोच रही थी के उसका पापा एक भी मौला हाथ से नहीं जाने देगा अब तो!! सिर्फ़ यह सब सोचते मेनिका बिलकूल गीली हो गयी थी और सोचा के काश यूयेसेस वक़्त रणजीत या प्रतीक उसस्के पास होते उसस्के प्यास बुझाने के लिए!!

आप अपने बिचार यहाँ भेजें।

[email protected]
✉ Comment :
Enter Add Two Numbers :
8+7=
Gender : Other | Age : | September 18, 2017, 8:39:27 PM
Gender : Other | Age : | September 18, 2017, 8:37:16 PM
Gender : Other | Age : | August 14, 2017, 10:21:19 PM
Gender : Other | Age : | May 12, 2017, 10:09:14 AM
Gender : Other | Age : | May 12, 2017, 9:45:02 AM
Gender : Other | Age : | May 8, 2017, 9:14:45 AM
Gender : | Age : | May 4, 2017, 1:37:15 PM
Gender : Female | Age : | April 19, 2017, 2:02:14 PM
http://www.nikedunks.us.o [email protected]
Gender : | Age : http://www.nikedunks.us.org | April 6, 2017, 3:12:52 PM
I truly wanted to construct a quick comment to appreciate you for the awesome guides you are sharing here. My incredibly long internet look up has now been compensated with awesome ideas to go over with my classmates and friends. I would claim that we readers are quite blessed to be in a notable place with many outstanding professionals with beneficial ideas. I feel somewhat blessed to have used the site and look forward to many more thrilling times reading here. Thank you once again for a lot of things. http://www.nikedunks.us.org [url=http://www.nikedunks.us.org]http://www.nikedunks.us.org[/url]
Gender : Other | Age : | March 17, 2017, 6:37:40 AM