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शादीशुदा औरात की कहानी - ( पार्ट 9 )
Date : June 20, 2015, 11:55:53 PM
Languages : Hindi
PageView : 000011722
Categoreies : Hindi Long Sex Stories
शादीशुदा औरात की कहानी - ( पार्ट 9 )

Shaadishudaa Aurat Ki Kahani - Part 9

आख़िर में मेनिका आपनी गाव पहुँची. मेनिका ने बहुत सारे लोगों को प्रणाम किया आपने घर तक चलते वक़्त कविता के साथ. उसस्के गाव के कुछ मर्दों ने उसको देख कर आपस में बातें किए; “अरे आपनी मेनिका तो एक दम मस्त माल बन गयी रे शादी के बाद! किया लग रही है यार!” तो क़िस्सी ने जवाब में कहा; “अरे अब चुत में लंड घुस्सने लगा है, चुदवाने लगी है, अब उसको चुदाई का मज़ा आने लगा है तो मस्त तो दिखेगी ही ना! अब वो कची काली नहीं रही जो पहले थी ना!!” बहुत सारे जवान और आधेर लोगों ने भी मेनिका को जाते हुए देख कर आडमाइर किए और सब के लंड खड़े हो गये तो आपने लंड को सहलाए!!

आख़िर में जब मेनिका घर आए तो उसस्के अंकल जल्दी से चौकत पर आपनी लड़ली के स्वागत के लिए आए और ज़ोर से मेनिका को बाँहो में भर लिया. मेनिका ने भी अंकल को बाँहो में भर लिया और एनसू बह निकले उसस्के एँखहू से…यह तो होता ही है जब इतने दिनों के बिछड़ने के बाद और शादी के बाद वाले पहली मिलन के दौरान…. अंकल का तो मेनिका के जिस्म से टकरते ही खड़ा हो गया उससी वक़्त उससी पल…. प्रतीक ने दामाद का स्वागत किया और दोनों को घर के अंदर लेगया. प्रोग्राम यह था के सब साथ में हॉस्पिटल जाएँगे और वहीं से कविता वापस आपने गाव चला जाएगा.

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और शाम को हॉस्पिटल से निकालने के बाद मेनिका आपने पाती को स्टेशन चॉर्र्ने गयी आपने पापा के साथ और कविता को ट्रेन में बिठा कर मेनिका आपने पापा के साथ वापस घर गयी.

मेनिका के दो भाई थे जिन्न के शादी हो चुके थे और जो आपने अंकल के घर से कुछ काइलामटर्स के दूरीए पर रहते थे. जब यह दोनों घर पहुँचे तो उन्न दोनों भाइयों में से एक आपने अंकल के यहाँ आया हुआ था आपनी मा की हाल पूछने के लिए; वो मेनिका को देख कर हेराँ हुआ और भाई बहें कासके गले मिले और दोनों रोने लगे…. खुशी के एनसू थे 8 महीनों के बाद मिल रहे थे सब !!!

वो मेनिका को देख कर हेराँ हुआ और भाई बहें कासके गले मिले और दोनों रोने लगे…. खुशी के एनसू थे 8 महीनों के बाद मिल रहे थे सब !!!

आपनी छोटी बहें से एक दो बात करने के बाद भाई आपने घर वापस चला गया. मेनिका आपने पुराने कमरे में गयी और आपने पुराने चीज़ों को देखने लगी जो वो यहीं चोर्र गयी थी शादी करके, उसका मॅन भादी हुआ और एनसू के चाँद कतरे मेनिका ने आपने गाल पर बहते महसूस किया. फिर उसस्के पापा उसस्के कमरे में दाखिल हुआ और मेनिका को बहिों में भराते हुए कहा;

“तुम पहले से और भी बहुत ज़ियादा खूबसूरात हो गयी हो बेटा, इस घर से जाने से पहले तुम इतनी तो खूबसूरात नहीं थी….”

मेनिका ने आपने पापा को प्यार से गले लगाया और ज़ोर से बाँहो में जाकरा. इस वक़्त कोई सेक्षुयल फीलिंग नहीं थी बलके अंकल के प्राति प्यार और बाप के तरफ से आपनी बेटी से मियाल्न और भावनाओं की जाकर में दोनों गले मिले हुए थे.

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मगर क्यूँ के कुछ देर तक उससी तारह मेनिका को आवने बाँहो में जाकरा रहा और मेनिका ने भी अंकल को नहीं चोर्रा और आपने बाँहो में उसस्के भाड़े रही, तो उसस्के पापा ने आपने लंड को मेनिका के जांघों पर टकरते हुए फेल किया और तुरंत मेनिका उसस्के बाँहो से निकलते हुए पूछा; “पापा, मा जल्दी ठीक हो जाएगी ना?”
अंकल ख़यालों में खोया हुआ था मेनिका के बड़े में ही सोचते हुए, के उसस्के सवाल को सुनकर आपने कांधों को उपर करते हुए जवाब दिया; “पता नहीं, बुरी हालत में है वो इस वक़्त क्यूंके उसे डाइयबिटीस, हाइ ब्प और अस्थमा सब एक साथ उठे थे… डॉक्टर लोगों ने कहा फिकर की कोई बात नहीं अब पता नहीं!!.” यह कह कर वो कमरे से निकालने लगा यह कहते हुए;

“अच्छा मैं ज़रा बाहर जा रहा हूँ कोई एक गाहते के बाद वापस ओँगा, जाओ देखो किया पकना पस्संद करोगी, रसोई में अब भी सब कुछ वेसे ही हेँ जेसे 8 महीने पहले तुम चोर्र कर गयी थी.” और मेनिका आपने पापा के करीब गयी और धीरे से आपनी मीठी आवाज़ में बोली;

“आप पीने जा रहे हो है ना पापा?” तो उसस्के पापा ने जवाब दिया; “हाँ मगर देर नहीं करूँगा एक दो पेग लेकर वापस आता हूँ!” मेनिका ने आपने पापा के चेहरे में देखते हुए प्यार से मुस्कुआते हुए कहा;

“मेरा वोही बूढ़ा पापा, आप कभी नहीं बदलोगे पापा” और मेनिका ने प्यार से उसस्के गाल पर एक क़िस्सी किया एक चिटी बच्ची की तरह मगर एक मा की तरह आपने पापा को डाँटते हुए कहा;

“ज़ियादा मत पीना और उमीद कराती हूँ के आप को लड़खाते हुए नहीं देखूँगी वापस आते वक़्त, आपने दो पेयरों पर घर वापस आना 4 पेयरों पर नहीं ठीक है?!!”

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मेनिका फिर रसोई में बिज़ी हो गयी खाना और तरकारी पकाने के लिए. और दूसरी तारफ़ उसस्के पापा पीते वक़्त सिर्फ़ मेनिका को ही सोचे जा रहा था. सोच रहा था मेनिका इतनी ज़ियादा खूबसूरात क्यूँ लगने लगी है अब, कितनी हसीन और हॉट दिखने लगी है…. बहुत सेक्सी दिखती है सभी यहाँ के मर्दों के लंड के न्ष्स को तोड़ डालेगी अगर गली से वो गुज़री तो…. उसकी जेसे हसीन तो गाव में हेँ ही नहीं फिलहाल….और मेरे घर में एक एसी हसीन क़यामत आई हुई है मैं केसे सम्भालूं आपने आप को अब?!!” और अंकल सोचने लगा के घर वापस जाने के बाद केसे मेनिका के साथ पेश आएगा, किया करेगा, केसे उसस्के करीब जाएगा… उसने यह भी सोचा की ब तो मेनिका वर्जिन नहीं है तो जो पहले नहीं क्लार पाया था अब तो कर पाएगा शायद मगर किया मेनिका अब भी पहले की तरह वो सब करने देगी? उसस्के जिस्म को चूहने देगी या सिर्फ़ आपने पाती के लिए जिस्म को बचके रखेगी….. अंकल यह सब सोचकर आपने लंड के हरकत को संभाल नहीं पा रहा था….. फिर अंकल ने यह भी सोचा के उसको कितना हसीन मौका मिल रहा है क्यूँ के उसका पत्नी घर पर नहीं है और मेनिका पूरे एक हफ्ते उसस्के स्ाआत रहेगी उसस्के घर में हर रात को!!! वो बहुत खुश होने लगा और हफ्ते भर मेनिका को चोदने के मंसबे बनाना लगा पीते पीते…. फिर वो उन्न दिनों को सोचने लगा जब वो मेनिका के जिस्म को छुआ कराता था, केसे मेनिका हिचकिचाती थी मगर कभी माना नहीं कराती थी…. और फिर अंकल ने यह भी याद किया के शादी से कुछ दिन पहले उसने मेनिका से कह दिया था के उसस्के शादी के बाद वो उसस्के साथ संभोग करेगा पूरी तरह से.. तो उसने सोचा के मेनिका को अच्छी तरह से पता है के मैं उसको चोदना चाहता हूँ सालों पहले से , कितनी बार उसस्के जिस्म पर इस लंड को रगढ़ के आपने पानी चोर्रा है उसस्के जिस्म पर जब उसको पता भी नहीं था के मैं उसस्के साथ किया कर रहा हूँ… उसको लंड तो मैं ने दिखाया पहली बार, सब से पहले तो उसने मेरा ही लंड देखा था, पाती का लंड तो बहुत साल बाद देखा है उसने तकरीबन 8 साल पहले से मैं आपने लंड को उसकी नाज़ुक चुत के उपर राग्ाहड़ता आया हूँ, और उससी उमर से मेरी मेनिका को लंड का पता चल गया है…तो आज किया मुझको रोक सकती है भला? बिलकूल नहीं उसको पता होगा के एह एक हफ्ते वो मेरे लिए आई हुई है वापस इस घर में….. फिर भी अंकल को थोड़ा सा ड्ऱ था के कहीं मेनिका बदल ना गाइ हो और एक पातीव्राता पत्नी ना बनना चाहे और यह ना कहे के आपने पाती को धोका नहीं देना चाहती… अगर उसने एसा कहा तो बहुत निराशा वाली बात होगी तब तो!!! अंकल अकेले बड़बदाए जा रहा था और आख़िर में खुद से कहा के अगर मेनिका ने इनकार भी किया तो वो ज़बरदस्ती कॉडेगा उसको!

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अंकल के दिमाघ में सिर्फ़ मेनिका बस्सा हुआ था और उसको मेनिका यूयेसेस बाहोट सेक्सी सारी में नज़र रहा था, उसको मेनिका की पतली कमर, गोरी चमरी, उसस्के गान्ड, और चुचियाँ नज़र अरहे थे उसकी कल्पना करते हुए और उसका लंड जमके खड़ा हो गया था…. मेनिका के चुचियों को उसे चुस्सने का मॅन कर रहा था, अंकल बिलकूल तयार था मेनिका को बिस्तर पर लेटाने के लिए……

मेनिका के अंकल मेनिका को मॅन में बस्सेए जल्दी से घर लौटा. मगर घर आते ही उस्स्कलॉ बहुत मायूसी हुई आपने बêते और बहू को मेनिका बातें करते हुए देखा कर!! जिसस भाई ने कुछ देर पहले मेनिका से मिला था, वो घर जाकर आपने पत्नी को लेकर मेनिका से मिलने आगेया था आपने अंकल के घर. और मेनिका उन्न दोनों के साथ बात कर रही थी लाउंज में बैठी!! बाप को बêते और बहू को आपने घर देख कर बेचैनी होने लगा क्यूँ की ब उसस्के प्लान पर पानी फेरर्टा हुआ नज़र आने लगा था….. वो आप्बे बêते और बहू से मिला, फिर आपने कमरे में जाकर सोचने लागा किया होगा अगर उन्न दोनों ने रहने का फ़ैसला कर लिया तो!! वो बिलकूल नहीं चाहता था के एसा कुछ हो…. उन्न लोगों के वापस जाने का बेसब्री से वो इंतेज़ार करने लगा. खुद उसस्के बêते और बहू उसको यूयेसेस वक़्त दो घुसपैठिया (इंटरूडर्स) लग रहे थे…. बहुत ही बेचैन था क्यूंके वो सिर्फ़ आपनी बेटी के साथ रहना चाहता था.

और एक घाटे के बाद उसका बेटा प्रदीप यूयेसेस से कहने आया के वह मेनिका को रात के लिए आपने घर ले जाना चाहते हेँ!! अब उसका पसीना चूत गया और सोचा के अगर एतराज़ करेगा तो वह दोनों कुछ और सोचने लगेंगे इस लिए यूयेसेस ने प्रदीप से पूछा; “मेनिका जाना चाहती है काइया?” प्रदीप बोला; “नहीं उसने जवाब नहीं दिया इसससी लिए मैं आप से पूछने आया हूँ!” तो बाप ने कहा; “तो फिर चलो उससी से पूचेटे हेँ के वो तुम्हारे यहाँ जाना चाहती है या आपने घर में रहना चाहती है, इतने दिनों बाद तो आया है इस घर में आज!”

बाप बêते लाउंज में गये और अंकल ने पूछा; “बेटी तुम आपने भाई के यहाँ जाना चाहोगी या यहाँ रहना पस्संद कराती हो?” तो मेनिका बोली; “मगर मैं ने डिन्नर बाना दिया है और पापा को सर्व करना है, बाइया और भाभी आप दोनों बी हमारे साथ ही डिन्नर करके जाना अब!” मगर प्रदीप और उसकी बीवी ने कहा के उन्न लोगों ने भी घर पर डिन्नर बना दिया है ऑरा ब उन्नको जाना चाहिए. मेनिका ने आपने भैया भाभी को सॉरी कहा और कहा के फिर कभी आएगी उन्न लोगों के यहाँ. तब बाप को सुकून मिला और मेनिका से एक एँख मारा और मेनिका ने एक शर्मीली मुस्कान किए उन्न से.

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बेटे और बहू को टेरेस पर से मेनिका और उसस्के अंकल ने वेव किए जब दोनों जा रहे थे. और यूयेसेस वक़्त मेनिका के अंकल ने सोचा किया होगा अगर अब उसस्स्का दूसरा बेटा और बहू आगाए तो!! उसने प्राठना किया की ब कोई उसस्के घर नहीं आए.

जब वह लोग चले गये तो मेनिका आपने पापा के सामने शेलेट हुए घर के अंदर जा रही थी और उसका बाप उसको शेलेट हुए देख रहा था पीछे से, उसस्के घांड का डोलना देख रहा था मेनिका के चलने से. यूयेसेस वQट मेनिका ने एक ट्रडीशन टू पीस पहनी हुई थी जो गाव के लोग पहना करते हेँ, ब्लाउस और स्कर्ट थे गाव वाले…बस समझ लो के चोली और लहनगा के जेसे दिखते थे…. मेनिका की क्लीवेज बहुत अच्छी तरह से नज़र अरहे थे लगता था घूबरों में पानी भाए हुए थे….. बाप का लंड कुछ इस तरह से ठाना हुआ था के उसको लगता था पेंट फ़ाआर कर बाहर निकल आएगा …. मेनिका ने मूधकर आपने अंकल के एँखहू में डेक्का और मुस्कुराइ, और बिलकूल नॉर्मल होने की बहाना कर रही थी हालान के उसको आपने अंकल के इरादों का अच्छी तरह से पता था…. जब बाप मेनिका के करीब पहुँचा तो मेनिका के काँधे पर एक हाथ रख कर हल्के से सहलाते हुए कहा, “तुम आपनी पापा के प्यारी सेक्सी बेटी हो !” मेनिका अंदर जाते हुए कहा, “आप नशे में हो है ना? मगर शूकर है आप ने ज़ियादा नहीं पे वरना मैं आप से बात नहीं कराती हाँ!” तब बाप ने आपने हाथ को मेनिका के नंगी कमर पर रखा और दबाते हुए कहा; “तुम ने इतनी अच्छी कपड़े पहें रखे हेँ , किया लग रही हो… के मॅन कराता है तुमो सीधे अभी के अभी बिस्तर पर लेज़ाऊ…. तुमको चखने को बड़ा मॅन कर रहा है री… एक मुदत हो गयी तुमसे प्यार किए हुए मेरी प्यारी बिटिया!!”

मेनिका ने कहा; “बिलकूल नहीं पहले खाना खाने चलो!” और बाप ने कहा के उसका मॅन तो सिर्फ़ मेनिका को खाने को कर रहा है. और यह कहकर उसने मेनिका को आपने कमरे में खिंचा के मेनिका को एक दो कदम दौड़ना पड़ा उसस्के खींचने से. और जेसे ही आपने कमरे में आ पहुँचे तो मेनिका को आपने बाँहो में बड़े ज़ोर से जाकर के चूमने लगा जेसे के उसको आज पहली बार एक औरात मिला आपने बाँहो में. मेनिका ने आपने पापा के किस को भरपूर आराम से रेस्पॉंड किया उसस्के आपने बाँहो में थामे. और बाप के हाथ मेनिका के पूरे पीठ पर फेररा मेनिका के कपड़ों को फील करते, उसकी ब्लाउस और थोड़े बहुत नंगी पीठ, उसस्के काँधे, और बाप का लंड मेनिका के नीचे नर्म हिस्सों पर दबाते हुए किस जारी रखा बाप ने. किस के बाद मेनिका को आपने बाँहो में भरे हुए ही बाप ने उसको के काँधे और गले को चूमते हुए पूछा; “ अब आपने पाती के साथ मज़ा कराती हो ना रानी? ह्म? मज़ा आता है ना अब? अब जान गयी हो ना कितना मज़ा और आनंद मिलता है यह करने में, अब तुमको समझ में आगेया होगा ना मैं किया चाहता था तुमसे तेरी शादी से पहले ह्म बोल ना! – किया जब वो तेरे साती कराता है तो कब्जी एक बार भी तुमने मुझको सोचा उसस्के साथ करने के दौरान? ह्म बता ना मुझे!”

मेनिका उसस्के बाँहो में एक खिलोने की तरह लग रही थी. आपने गार्डेन को पीछे के तरफ खींचते हुए मेनिका आपने जिस्म को आपने अंकल के जिस्म के साथ चिपके हुए महसूस करके खुद को संभाल नहीं पा रही थी और जवाब देना तो दूर्र की बात थी उसस्के जिस्म में उतेज़ीना आग भड़क चुकी थी… अंकल सब देख रहा था और उसको पता चल रहा था के मेनिका गरम हो रही है…यूयेसेस ने धीरे धीरे मेनिका की ब्लाउस को उतरा उसको चूमते हुए….हौले हौले, धीरे धीरे हल्के से एके क कर के ब्लाउस के बटन्स को अनलॉक किया उसस्स ने मेनिका की चुचियों के एक एक हिस्से को निहाराते हुए….

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. ब्लाउस को जेसे जोश में फेंका उसने जो जा कर दरवाज़े के पास गिरा, उसकी सेक्सी ब्रा में मेनिका की चुचियों को मस्सलते हुए ब्रा को धीरे धीरे अनहुक किया अंकल ने और उसको भी निकल फेंका ब्लाउस की तरह…मेनिका टॉपलेस उसस्के बाँहो में क्वेड थी…. थोड़ा बहुत उसकी जिस्म काँप रही थी, पेयरों में जेसे दूं नहीं था खड़े रहने की….. एँखहें बंद कर लिए मेनिका ने…. उसकी जिस्म यूयेसेस वक़्त एक एलास्टिक पीस की तरह थी उसस्के पापा के हाथ में जिस्सको जिसस तरह चाहे वो मोड़ रहे थे…मेनिका एक कट्पुतली की तरह आपने पा के बाँहो में हर दिशा में मूढ़ रही थी… फिर आहिस्ते से अंकल ने मेनिका को बिस्तर पर लेटया और खुद आपने घुटनों के बाल हुआ और धीरे धीरे मेनिका की लंबी स्कर्ट को हौले हौले उपर उठाआनए लगा….. धीरे धीरे मेनिका के टाँगें नज़र आने लगे… अंकल को जेसे कोई जल्दी नहीं था, सब कुछ बिलकूल आराम से धीरे धीरे कर रहा था… मेनिका की साँसें फूल रही थी, वो धीरे धीरे सिसकारियाँ चोर्र रही थी और उसस्के साँसें तेज़ होने लगी थी, थोड़ा बहुत हंफफने भी लगी थी……

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