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भाभी बनी चुदाई गुरु - ( पार्ट 3 )
Date : June 22, 2015, 12:21:25 AM
Languages : Hindi
PageView : 000015621
Categoreies : Hindi Long Sex Stories
भाभी बनी चुदाई गुरु - ( पार्ट 3 )

Bhabhi Bani Chudaai Guru - Part 3

नमस्कार दोस्तों.. ये मेरी कहानी का तीसरा भाग है और आप सब लोगों से गुज़ारिश है कि इस कहानी को पढ़ने के पहले कहानी का पिछला भाग , भाभी बनी चुदाई गुरु – [Part 1] और [Part 2] ज़रूर पढ़े।

अब आगे.. भैया के ड्यूटी पर चले जाने के बाद मैंने और परी ने प्लान के अनुसार चुदाई करनी शुरू कर दी और 15 दिनों के बाद जब फिर भाभी का पीरियड लेट हुआ तो अगले दिन में भाभी के साथ प्रेग्नेन्सी टेस्ट के लिए गया तो डॉक्टर ने कहा कि आप माँ बनने वाली है। फिर हम दोनों खुश हो गये और घर आकर फिर चुदाई का खेल शुरू कर दिया और दो दिनों तक हम नंगे ही घूमते थे और जब जी करता चुदाई चालू कर देते। फिर मैंने भाभी से कहा कि अब भैया से कह दो की तुम माँ बनने वाली हो तो भाभी ने कहा कि ठीक है लेकिन ये समाचार में उन्हे तब दूँगी जब तुम्हारा लंड मेरी चूत में घुसा होगा और रात को जब में भाभी को चोद रहा था।

तभी भाभी ने कहा कि फोन दो और उन्होने भैया को फोन लगाया और उन्हे ये खबर दी तो भैया खुशी से फोन पर ही चिल्ला दिए और इसी बीच उन्हे लगा की परी हाफ़ रही है तो उन्होने पूछा कि परी तुम्हारी सांस इतनी तेज़ क्यों चल रही है? तभी भाभी ने कहा कि जब से मुझे इस बात का पता चला है तब से पता नहीं क्यों मेरी साँसे तेज़ चल रही है। जबकि उस समय में परी को चोद रहा था। फिर इसके बाद भाभी ने फोन रख दिया और मेरे हर धक्के पर उनकी चीख निकल जाती थी। फिर 40 मिनट के बाद हम दोनों झड़ गये और इस तरह से मैंने अपनी सगी भाभी की चूत को चोदकर उन्हे मेंने उनकी चूत का भुर्ता बनाया और हम जब भी चुदाई करते थे तो डिजिटल कैमरा लगा कर रिकॉर्ड करते थे और फ़ुर्सत में हम दोनों मिलकर हमारी ब्लूफिल्म टीवी पर लगा कर देखते और एंजाय करते थे।

फिर लगातार 4 महीनो तक चुदाई की और इसके बाद अब भाभी का पेट निकल गया था और उन्हे

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चुदाई करने में दिक्कत होने लगी और उन्हे दर्द भी ज्यादा होने लगा तब एक दिन में ब्लूफिल्म लेकर आया और में भाभी के साथ बैठकर फिल्म देखने लगा और मैंने सोचा कि फिल्म देखने के बाद में परी के मुहं में मूठ मार लूँगा और लंड को शांत कर लूँगा तब में और भाभी दोनों फिल्म देखने लगे उस फिल्म में एक लड़का लड़की की गांड मार रहा था इसे देखकर में और भाभी दोनों हैरान रह गये क्योंकि मैंने इससे पहले कभी ब्लूफिल्म नहीं देखी थी और शायद भाभी को भी इस बारे में जानकारी नहीं थी। तब मैंने भाभी को कहा कि परी एक बार तुम अपनी गांड मार लेने दो लेकिन भाभी इसके लिए तैयार नहीं हो रही थी। फिर मैंने पारी को बहुत मनाया तब जाकर वो तैयार हुई और मैंने परी के कपड़े उतार दिए और उसे बिल्कुल नंगा कर दिया। फिर मैंने अपना लंड परी को चूसने को तैयार किया और में उसकी चूत चाटने लगा और जब वो झड़ गई तब मैंने अपना मुहं हटा लिया।

तब तक मेरा लंड तैयार हो गया फिर मैंने परी की गांड और अपने लंड में मक्खन लगाया और में

धीरे-धीरे परी की गांड में लंड डालने लगा लेकिन बहुत मुश्किल हो रही थी। बड़ी मुश्किल से सुपाड़ा अंदर गया और परी चीखने लगी। फिर मैंने सोचा कि ऐसे में उसे भी ज्यादा दर्द होगा इसलिए मैंने परी की कमर को पकड़ा और एक जोरदार धक्का दे दिया मेरा लंड 3 इंच अंदर चला गया और परी रोने लगी और मुझे कहने लगी छोड़ दो में मर जाऊंगी.. हमारा बच्चा खराब हो जाएगा। लेकिन में कुछ सुन ही नहीं रहा था फिर मैंने परी को किस करना और चूची दबाना शुरू किया अब वो कुछ अच्छा महसूस करने

लगी। तभी मैंने दूसरा धक्का दे दिया और मेरा पूरा लंड परी की गांड में घुस चुका था। तब जाकर में थोड़ी देर शांत रहा और वो लगातार चीख रही थी। फिर मैंने धीरे-धीरे लंड को आगे पीछे करना शुरू किया और कुछ देर में परी को भी इस नये खेल में मज़ा आने लगा और करीब आधे घंटे के बाद मैंने लंड ने अपनी धार परी की गांड में छोड़ दी और फिर मैंने लंड बाहर निकाल लिया।

फिर रात में सोते समय में परी के साथ नंगा सोया था। तभी मैंने परी की गांड में उंगली डाल दी परी चौंक गयी और कहा कि ये क्या कर रहे हो? फिर मैंने कहा कि कुछ नहीं। फिर थोड़ी देर उंगली आगे पीछे करने के बाद मैंने परी को अपना लंड चूसने को कहा तो परी चूसने लगी और जब मेरा लंड गीला हो गया तो मैंने परी को कहा कि में फिर से तुम्हारी गांड मारूँगा। तभी परी ने कहा कि प्लीज़ ऐसा मत करो पहले ही बहुत दर्द हो रहा है ठीक से चला नहीं जा रहा है लेकिन मैंने कहा कि धीरे धीरे करूँगा। फिर भी मुझे उसके साथ जबरदस्ती ही करनी पड़ी.. लेकिन गांड मारने में मुझे तो मज़ा आता था लेकिन परी को बच्चे के कारण बहुत दर्द होता था। इसी तरह में परी भाभी की दो बार गांड मार चुका था।

फिर उसी रात भैया का फोन आया कि में कल आ रहा हूँ एक दिन की छुट्टी मिली है और रात के करीब 3 बजे चला जाऊंगा। फिर अगले दिन सुबह-सुबह भैया घर आए और उन्होने देखा कि भाभी का पेट पूरा निकल गया है लेकिन फिर भी वो अपने लंड को चूत की सैर करना चाहते थे.. में यह सब समझ कर स्कूल चला गया और फिर शाम 4 बजे घर आया। फिर भैया ने इधर उधर की बातें की तब मैंने भाभी से पूछा कि क्या हुआ? तभी उन्होने बताया कि उन्होंने चूत तो नहीं मारी क्योंकि डॉक्टर ने मना किया है लेकिन सुबह से 3 बार गांड मार चुके है और लंड मेरे मुहं में झाड़ चुके है और तुम्हारे आने के पहले भी वो फिर से गांड मारने की तैयारी कर रहे थे।

तब मैंने खाना खाया और घूमने चला गया। तब भैया ने 1 बार और भाभी की गांड मारी और सो गये रात के 12 बजे में भैया को स्टेशन छोड़ आया क्योंकि 3 बजे उनकी ट्रेन थी और में ट्रेन जाने के बाद घर आया और सीधे भाभी के बेड पर चला गया। परी कपड़े पहनकर सो रही थी, मैंने उन्हे उठाया और कहा कि ये क्या आपने कपड़े क्यों पहन रखे है? तभी भाभी ने कहा कि बस ऐसे ही.. तो मैंने उनके कपड़े उतारने शुरू कर दिये। तभी भाभी ने कहा कि छोड़ो ना अब सुबह खोलूँगी। फिर मैंने कहा कि नहीं अभी खोलो ना। फिर मैंने उनके सारे कपड़े उतार दिए। फिर वो सोने लगी तो मैंने कहा कि भाभी मेरा लंड चूसो ना.. तो वो बोली कि अब कल वैसे भी तुम्हारे भैया ने 4 बार मेरी गांड मारकर मेरी हालत ही खराब कर दी है। तभी मैंने कहा कि तो एक बार मुझे भी बर्दाश्त कर लो और ये करकर में उनकी चूत चाटने लगा और 69 की पोज़िशन में हो गया और लंड परी के मुहं में डाल दिया जिसे परी ने ना चाहते हुए भी चूस लिया। पहले तो मैंने उनके मुहं में पेशाब करना शुरू किया जिससे वो सिसकने लगी लेकिन मेरी ज़िद के आगे वो झुक गयी और पेशाब पीने के बाद लंड चूसना जारी रखा और जब मेरा लंड तैयार हो गया तब मैंने लंड मुहं से निकालकर उनकी गांड में डाल दिया.. वो दर्द से बहाल हो उठी। खैर थोड़ी देर में ही में उनकी गांड में झड़ गया और फिर हम दोनों सो गये।

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फिर ये खेल कुछ महीने तक चला लेकिन जब भाभी का 6 महिना शुरू हुआ तो उन्होने कहा कि अब मुझे काम करने में दिक्कत होती है इसलिए मैंने अपने भैया से कहा है कि 6-8 महीनो के लिए मेरे लिए एक नौकरानी खोज दें और इस बीच हम अपने खेल खेलते रहे और एक दिन इंटरनेट पर भाभी के साथ कुछ देख रहा था तभी वहाँ पर साईड में नकली लंड का डिजाईन आ रहा था तो मैंने उनसे कहा कि में एक ऑर्डर कर देता हूँ। तभी भाभी बोली लेकिन तुम नकली लंड का क्या करोगे? फिर मैंने कहा कि पहले आने तो दो फिर बताऊंगा। तभी बोली कि ठीक है। करीब 7 दिनों के बाद भाभी के पास भैया का फोन आया कि मैंने एक 19 साल की गाँव की लड़की देखी और उससे बात कर ली है और वो काम करने को राज़ी हो गयी है और वो कल तुम्हारे पास पहुँच जाएगी। तभी में और भाभी खुश हो गये की कम से कम अब परी को कुछ आराम मिलेगा।

फिर एक आदमी उस लड़की कोमल को हमारे घर छोड़ गया और बोला कि में इसका बाप हूँ और 5 महीनो के लिए इसे छोड़ रहा हूँ ये घर का सारा काम कर देगी और वो चला गया। मैंने उस लड़की को देखा तो देखता ही रह गया क्योंकि वो बहुत सुंदर थी और में उसे ऊपर से नीचे घूर रहा था। फिर मैंने देखा कि उसकी छाती अभी अभी फूलना शुरू हुई थी। बिल्कुल एक छोटे टमाटर की साईज़ की चूचियाँ निकली हुई थी। उसे देखकर मेरे मुहं में पानी आ गया और मेरा लंड अपना साथी ढूंडने लगा। तभी परी बोली कि क्या देख रहे हो जालिम मुझसे मन नहीं भरता है क्या? पता नहीं कैसे चोदा है मुझे की इतना दर्द होता है और मेरा पेट भी कुछ ज्यादा ही बाहर आ गया है और लगता है की तेरा बच्चा अभी पेट फाड़कर बाहर आ जाएगा।

तभी मैंने कहा कि कुछ नहीं देख रहा हूँ। फिर भाभी बोली कि में सब समझती हूँ, वो अभी बच्ची है अभी तो उसकी चुचि भी ठीक से नहीं फूली है। फिर भाभी ने उससे कहा कि तुम जाओ जाकर रूम में आराम करो कल से काम करना और उसे उसका कमरा दिखा दिया और खुद खाना बनाने चली गयी और में कुछ देर बाद कोमल के कमरे के बाहर खड़ा होकर उस घूर रहा था। तभी भाभी पीछे से आई और मेरी गांड में चिकोटी काटते हुए बोली कि क्या देख रहे हो? तभी में पीछे घुमकर परी को किस करने लगा और उनकी चूचियां भी ज़ोर ज़ोर से दबाने लगा। फिर परी बोली कि तोड़ा धीरे दबाओ दर्द होता है और हम सोफे पर बैठकर मस्ती करने लगे और उसी समय मैंने भाभी से बोला कि क्या में आपसे एक चीज़ माँग सकता हूँ? फिर उन्होने कहा कि मेरी चूत के स्वामी तुम तो ऑर्डर दो तो। फिर मैंने कहा कि अब करीब 5 महीनो तक तो तुम्हे चोद नहीं सकता हूँ और इतने दिनों तक बिना चूत के में रह गया तो में मर ही जाऊंगा। तभी भाभी ने मेरे मुहं पर हाथ रखते हुए कहा कि मरे तुम्हारे दुश्मन.. तुम चाहते क्या हो? फिर मैंने कहा कि में कोमल को चोदना चाहता हूँ। तभी भाभी ने कहा कि ठीक है में उसे तुम्हारे लिए तैयार करती हूँ लेकिन ये याद रखना की वो अभी अभी वर्जिन है और उसे धीरे धीरे बड़े प्यार से चोदना नहीं तो वो मर जाएगी तो मैंने कहा की ठीक है। फिर भाभी को चूमा और उनकी गांड मारने लगा जब में झड़ गया और हम कपड़े पहन चुके थे।

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तभी डोर बेल बज़ी मैंने जाकर देखा तो एक पार्सल आया था मैंने उसे रिसीव कर लिया और अंदर आकर मैंने देखा कि मैंने जिस आर्टिफिशियल लंड का ऑर्डर किया था वही आया था। फिर में और भाभी दोनों बहुत खुश हो गये। जब रात हुई तो भाभी ने मुझे कहा कि तुम हॉल में सोफे पर सोना 2-4 दिन लगेंगे उसे तैयार करने में। फिर में बोला कि ठीक है, फिर रात में परी ने कोमल से कहा कि तुम मेरे साथ सोना क्योंकि मेरा शरीर बहुत दर्द करता है तू मुझे रोज़ रात में तेल लगाकर सोएगी और हाँ राजकुमार को भी तेल रोज़ लगाना। फिर वो बोली ठीक है भाभी। फिर परी और कोमल दोनों सोने चले गये तो परी ने दरवाजा बंद नहीं किया और बेड पर जाते ही कोमल से बोली कि मुझे तेल लगा दे और अपनी ब्रा और पेंटी छोड़कर सब कपड़े उतार दे कोमल उन्हे तेल लगाने लगी और परी सोने लगी जब कोमल ने तेल लगाना बंद किया। तभी परी ने अपनी ब्रा और पेंटी खोल दी और कहा कि मेरी चूचियां दबा तो कोमल उन्हे हल्के हल्के हाथों से दबाने लगी। तभी भाभी ने कोमल को कहा कि ज़रा अच्छे से दबा लेकिन उसे दबाना नहीं आ रहा था। तभी भाभी उठकर बैठ गयी और कोमल की दोनों चूचियां पकड़कर ज़ोर से दबाने लगी, अचनाक हुए इस हमले से कोमल घबरा गयी और बोली कि मुझे दर्द हो रहा है। तभी परी ने कहा कि मुझे तो नहीं होता है और अगर इसे कोई ठीक से नहीं मसलेगा तो ये बड़ी नहीं होगी और हमेशा छोटी ही रह जाएगी। इन सब बातों से अंजान कोमल केवल सुन और समझने की कोशिश कर रही थी। फिर कोमल परी की चूचीयों को थोड़ा ज़ोर से दबाने लगी। कुछ देर के बाद भाभी ने कहा कि कोमल अब मेरी चूत को दबा। फिर कोमल हैरान रह गयी और बोला कि वो क्या होता है? तभी परी ने उसे बताया की तू जहाँ से मूतती है उसे चूत कहते है। तब कोमल ने पूछा कि उसे कैसे दबाऊँ? तभी परी बोली उसमे अपनी उंगली डालकर आगे पीछे कर और फिर थोड़ी देर बाद उसे अपनी जीभ से चाटना। फिर कोमल वैसा ही करने लगी लेकिन इससे उसके शरीर में भी सुरसुरी होने लगी और 20 मिनट के बाद कोमल की उंगली के कारण परी झड़ गयी और भाभी ने कोमल से कहा कि हो गया.. अब छोड़ दे और जा जाकर राजकुमार के शरीर पर भी तेल मालिश कर दे। फिर कोमल तेल की शीशी लेकर हॉल में आई।

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उस समय में टीवी पर इंग्लीश फिल्म देख रहा था और मैंने केवल हाफ पेंट पहन रखी थी जो कि अंडरवियर जितनी बड़ी थी और बहुत टाईट थी। फिर कोमल मेरे पास आई और कहा कि तेल लगाना है तभी मैंने कहा कि ठीक है तो लगाओ। फिर वो तेल हाथ में लेकर मुझे सबसे पहले पीठ पर तेल लगाने लगी उसके हाथ लगते ही मेरे लंड ने हलचल मचाना शुरू कर दिया और मेरा मन कर रहा था कि उसे वहीं पर पटक कर चोद दूँ लेकिन परी ने ऐसा करने को मना किया था, तो मैंने कहा कि पहले लाईट जला लो फिर वो लाईट जला कर आई और फिर मुझे तेल मालिश करने लगी और जब उसका हाथ मेरे सीने पर आया तो मेरा शरीर टाईट होने लगा और लंड पेंट में खड़ा होने लगा।

फिर इसे कोमल भी देख रही थी लेकिन उसे कुछ समझ में नहीं आ रहा था। फिर वो नीचे बैठ गयी और तभी टीवी पर किसिंग सीन आने लगा.. मेरे लंड तो गरम हो रहा था। फिर वो मेरे पैर में मालिश करने लगी उसके हाथ मेरी पेंट तक आ रहे थे और उसे नीचे से मेरा खड़ा लंड साफ दिखाई दे रहा था क्योंकि मैंने अंदर कुछ नहीं पहना था और लंड साईड से दिख रहा था। फिर जब कोमल तेल लगाकर जाने लगी.. तभी मैंने कहा कि तुमने अभी एक जगह तो लगाया ही नहीं। तभी उसने कहा कि कहाँ.. तभी मैंने खड़ा होकर अपनी पेंट खोल दी और मेरा 6″ इंच का लंड फनफनाता हुआ दिखाई देने लगा। तभी उसे देखकर कोमल बोली कि ये क्या है? तभी मैंने कहा कि लडके इसी से मूतते है। वो हैरान थी और में सोफे पर बैठकर टीवी देख रहा था और मैंने कहा कि जल्दी से लगा दो। तभी उसने तेल लेकर मेरे लंड को जैसे ही पकड़ा तो मुझे लगा कि में झड़ जाऊंगा और मेरा लंड झटके मारने लगा और वो तेल लगाने लगी तेल लगाने के बाद में बिल्कुल तैयार हो चुका था और मैंने सोचा कि कोमल के सामने ही झड़ जाऊँ लेकिन फिर मैंने कहा कि कोमल यहीं पर बैठो में अभी आया और में भाभी के रूम में गया। भाभी सो चुकी थी तो में बेड पर चढ़ गया और भाभी को उठाने लगा।

फिर भाभी बोली कि क्या हुआ? फिर मैंने उन्हे कहा कि लंड चूसो और खाली करो। फिर वो बोली कि बाहर गिरा दो। तभी मैंने उनकी चूची को इतने ज़ोर से दबाई कि उनकी चीख निकल गयी और वो समझ गयी कि लंड चूस लेने में ही भलाई है नहीं तो कहीं मेरा मन उन्हे चोदने का हो गया तो उन्हे बहुत दर्द सहना होगा और वो उठ बैठी और में खड़ा हो गया और वो मेरा लंड चूसने लगी सारा काम कोमल के हाथों ने कर ही दिया था इसलिए में 5 मिनट में ही भाभी के मुहं में ही झड़ गया और फिर में बाहर आने लगा और भाभी सो गयी। फिर में जब दरवाजे की और मुड़ा तो देखा कि कोमल ये सब देख रही है फिर में बाहर आया और कोमल को बोला कि अब तुम जाकर भाभी के साथ सो जाओ और फिर वो जाकर भाभी के साथ सो गयी।

फिर इस तरह से 3 दिन बीत गये कोमल रोज़ हम दोनों को तेल मालिश करती थी और फिर चोथे दिन जब कोमल भाभी को तेल लगा रही थी तो भाभी ने कोमल को कहा कि आज से जब तुम राजकुमार को तेल लगाओ.. तो जब उसका लंड खड़ा हो जाए तो उसे चूसकर ढीला भी कर देना.. इससे तेरी चूचियां भी बड़ी हो जाएगी और तू धीरे धीरे और सुंदर हो जाओगी.. वो इस काम के लिए रोज़ मुझे जगा देता है। फिर कोमल ने कहा कि ठीक है और उसने मुझे तेल लगा दिया और में भाभी के कमरे में जाने लगा तो कोमल बोली की भाभी ने कहा है कि में ही आपका लंड चूस लूँ। फिर मैंने देरी ना करते हुए अपना लंड झट से कोमल के मुहं में डालकर उसे चूसने को बोला और में भी आगे पीछे करके उसके मुहं को चोदने लगा और 15 मिनट बाद कोमल के मुहं में ही झड़ गया और उससे पीने को कहा जिसे वो चुपचाप पी गयी। दोस्तों ये कहानी आप रूपसेक्स डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

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फिर अगले दिन जब वो मेरा लंड चूसकर भाभी के पास सोने के लिए जा रही थी तब मैंने उसे कहा कि लाओ में भी तुम्हारी मालिश कर देता हूँ। तभी वो ना ना करने लगी लेकिन मैंने कहा कि तुम्हारा शरीर भी दिनभर के काम करके थक जाता होगा इसलिए में लगा देता हूँ। फिर वो थोड़ी देर में मान गयी और मैंने उसे सोफे पर लेटा दिया और उससे कहा कि कपड़े उतार दो। तभी वो अपने कपड़े उतारने लगी उसने केवल सलवार और सूट पहन रखा था और अंदर कुछ नहीं था। फिर में हाथ में तेल लेकर उसके शरीर पर लगाने लगा और जब मेरे हाथ उसकी चूचियों पर गये तो में उन्हे हल्के हल्के हाथों से दबाने लगा और वो कराह रही थी आहह आआहह की आवाज़ और सिसकियाँ निकाल रही थी। मैंने करीब 20 मिनट तक उसकी चूचियों को दबाया जिससे उसकी चूचियाँ पूरी लाल हो गयी और उसके निप्पल खड़े हो गये। तभी कोमल बोली कि दर्द कर रहा है फिर मैंने कहा कि में दर्द दूर कर दूँगा.. लेकिन इसके लिए मुझे तुम्हारी चूचियाँ चूसनी होगी और ये कहकर मैंने उसकी एक चूची को मुहं में ले लिया और चूसने लगा उसकी सिसकियाँ बड़ रही थी। इस तरह में उसकी दोनों चूचियों को एक घंटे तक मुहं में लेकर चूसता रहा और इस बीच में फिर झड़ने के करीब पहुंचा गया। तभी मैंने कोमल के मुहं में अपना लंड डाल दिया और उसे वो पी गयी। फिर जब में तेल लगते हुए कोमल की चूत तक पहुंचा तो मैंने कहा कि तुम भाभी को कैसे तेल लगाती हो? तभी वो बोली कि अपनी उंगली में तेल लगाकर उनकी चूत में डालती हूँ और उसे चाटती भी हूँ जब उसमे से सफेद पानी निकल जाता है तब में छोड़ देती हूँ।

तभी मैंने कहा कि में भी उसी तरह से तुम्हे तेल लगाऊंगा। फिर ये कहकर मैंने उसकी चूत को थोड़ा खोला और मुहं से चाटने लगा इससे कोमल तड़पने लगी और में जीभ अंदर डालकर चाटने लगा 10 मिनट के बाद उसे अच्छा लगने लगा। तभी में अपनी एक उंगली उसकी चूत में डालने लगा जैसे ही उंगली अंदर गयी वो चिल्ला पड़ी मुझे छोड़ने को कहने लगी.. भाभी बचाओ मुझे बहुत दर्द हो रहा है लेकिन भाभी अपने कमरे में सो रही थी और मैंने धीरे धीरे उसकी चूत में पूरी उंगली घुसा दी और वो तड़पने लगी और कहा कि अब कल कर लेना और भाभी ने भी मुझे यही कहा था कि कोमल छोटी है इसलिए जल्दबाज़ी मत करना लेकिन आज मैंने सोच लिया था कि अब कुछ हो लेकिन आज 19 साल की कोमल की चूत को अपने महाराज से ज़रूर मिलाऊंगा और वैसे भी 15 दिनों से मैंने किसी को चोदा नहीं था इसलिए मेरा लंड भी मुझे मजबूर कर रहा था और 20 मिनट के उंगली करने के बाद कोमल ने पानी छोड़ दिया।

तभी में समझ गया कि कोमल का शरीर जवानी की दहलीज़ पर कदम रख चुका है और में उसकी चूत को फिर से चाटने लगा। तब उसे कुछ राहत हुई और इतनी देर में मेरा लंड फिर से अंगड़ाई लेकर उठ चुका था। 10 मिनट चूत चाटने के बाद जब कोमल आहें भरने लगी। तभी मैंने उसे उठाया और लंड चूसने को कहा और वो चूसने लगी 5 मिनट के बाद मैंने उसे फिर लेटा दिया और उसकी चूत पर लंड रगड़ने लगा और 5 मिनट रगड़ने के बाद मैंने हल्का प्रेशर दिया तो मेरे लंड का सुपड़ा अंदर चला गया और कोमल बोली कि ये आप क्या कर रहे हो? तभी मैंने कहा कि कुछ नहीं बस तुम देखती जाओ।

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फिर उसकी चूत तो पहले से ही गीली थी इसलिय मैंने फिर थोड़ा जोर दिया तो लंड और एक इंच अंदर चला गया और वो चीख पड़ी कि बाहर निकालो प्लीज़.. मुझे बहुत दर्द हो रहा है। तभी में उसकी चूचियां दबाने लगा और उसे किस करने लगा इससे उसे थोड़ी राहत मिली और में सावधानी रखते हुए उसे धक्का नहीं मार रहा था कि कहीं उसे कुछ हो ना जाए क्योंकि अभी वो थोड़ी छोटी थी। फिर में किस करते करते ही अपने लंड का प्रेशर बड़ाने लगा और लंड धीरे धीरे अंदर जाने लगा और उसे दर्द तो बहुत हो रहा था लेकिन किसिंग के कारण वो चीख नहीं पा रही थी और करीब 30 मिनट के प्रयास के बाद मेरा लंड 3 इंच तक उसकी चूत में समा गया और तब मैंने कुछ सोचा और उसकी कमर पकड़ कर उसके नीचे दो तकिए रख दिये जिससे उसकी चूत थोड़ी खुल गयी और फिर मैंने बैठ कर कमर को पकड़ा और हल्का धक्का दे दिया तो मेरा लंड 1 इंच और अंदर चला गया और वो इतनी ज़ोर से चीखी कि भाभी की नींद खुल गयी और वो घबराते हुए हॉल में आई और हमे इस हाल में देखकर मुझे डाटने लगी और बोली कि कुछ दिन इंतजार नहीं कर सकते थे क्या? तभी मैंने कहा कि आप तो चोदने देती नहीं हो और गांड भी मारने नहीं देती हो तो में बिना चूत के और कितने दिन बिताऊँ?

तभी भाभी कोमल के सर के पास बैठ गयी और देखा कि उसकी आँखों से आँसू गिर रहे है और वो रोते हुए चीख रही है कि में मर जाऊंगी.. मुझे मार डाला। तभी भाभी ने उसकी चूचियों को दबाना और चूसना शुरू किया और मुझसे बोली कि अभी धक्का मत मारना और पूछा कि और कितना बचा है? तभी मैंने कहा कि अभी 4 इंच गया है और 2 इंच और बाकी है। फिर भाभी ने भी अपनी मेक्सी उतार दी और कोमल को अपनी चूत चाटने को कहा। फिर कोमल ने परी की चूत चाटना शुरू किया और लगभग 10 मिनट के बाद उसे राहत मिली।

फिर भाभी ने कहा कि अब धक्का मारो और ज्यादा ज़ोर से मत मारना। तभी मैंने बिना देर किए एक हल्का धक्का मारा और मेरा लंड 1 इंच और अंदर चला गया कोमल फिर से चिल्लाने लगी और उसकी चूत की सील टूट गई और खून गिरने लगा। फिर में 5 मिनट ऐसे ही पड़ा रहा और फिर भाभी के बोलने के पहले ही 1 धक्का दे दिया जो हल्का ही था लेकिन पहले के धक्को से थोड़ा ज़ोर का था इस धक्के के बाद मेरा पूरा का पूरा 6 इंच का लंड कोमल की चूत में घुस चुका था और में कोमल के ऊपर ही सो गया और इंतजार करने लगा की कब कोमल को थोड़ी राहत मिले और में चुदाई शुरू करूं।

फिर करीब 30 मिनट के बाद कोमल ठीक हुए तो में उसकी चूची को मुहं में लेकर चूसने लगा और अंदर अपना लंड हिलाने लगा फिर 5 मिनट के बाद मैंने थोड़ा लंड आगे पीछे किया इस बार कोमल को पहले उतना दर्द नहीं हुआ। फिर में अपने लंड को आगे पीछे करने लगा, फिर 20 मिनट के बाद कोमल को थोड़ा दर्द और थोड़ा मज़ा भी आने लगा। में पहले भी दो बार झड़ चुका था इसलिए में झड़ने का नाम ही नहीं ले रहा था। फिर भाभी ने कहा कि आज इसकी जान लेने का इरादा है क्या? तभी मैंने कहा कि बस थोड़ी देर और फिर करीब 10 मिनट के बाद मुझे लगा कि में झड़ने वाला हूँ तभी भाभी बोली कि अंदर गिराने का मन है क्या?

फिर मैंने हाँ कहा तो भाभी मुस्कुराई और कहा कि एक बच्चा काफ़ी नहीं है क्या? तभी मैंने कहा कि नहीं.. लेकिन दूसरा बच्चा भी आपसे ही होगा इससे तो बस मज़े लेने है। तभी भाभी आगे बढ़ी और मुझे किस करने लगी और 5 मिनट के बाद में कोमल की चूत में ही झड़ गया और उसी के ऊपर ही पड़ा रहा और एक घंटे के बाद उठा और कोमल को अभी भी बहुत दर्द हो रहा था। फिर हम तीनो वहीं पर सो गये ।।

दोस्तों आगे की कहानी अगले भाग में..

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